प्रिय विद्यार्थियों, इस पोस्ट में श्वेताश्वतर एवं ईशोपनिषद् बहुविकल्पीय प्रश्न है। जो संस्कृत की विविध प्रतियोगी परिक्षाओं NET JRF, TGT PGT तथा विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
Q1. ‘सत्यमेव जयते’ का संबंध किस उपनिषद् से है?
क). केन उपनिषद्
ख). मुंडक उपनिषद्
ग). कठ उपनिषद्
घ). ईश उपनिषद्
✅ सही उत्तर:- ख). मुंडक उपनिषद्
Q2. श्वेताश्वतर उपनिषद् के तृतीय अध्याय में मुख्य रूप से किस देवता का वर्णन है?
क). विष्णु
ख). रुद्र (शिव)
ग). ब्रह्मा
घ). इंद्र
✅ सही उत्तर:- ख). रुद्र (शिव)
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा उपनिषद् ‘सामवेद’ से संबंधित है?
क). छान्दोग्य उपनिषद्
ख). मुंडक उपनिषद्
ग). ऐतरेय उपनिषद्
घ). प्रश्न उपनिषद्
✅ सही उत्तर:- क). छान्दोग्य उपनिषद्
Q4. ‘नचिकेता’ का प्रसिद्ध उप-आख्यान किस उपनिषद् से लिया गया है?
क). बृहदारण्यक उपनिषद्
ख). कठ उपनिषद्
ग). मांडूक्य उपनिषद्
घ). तैत्तिरीय उपनिषद्
✅ सही उत्तर:- ख). कठ उपनिषद्
Q5. आचार्य आदि शंकराचार्य ने प्रमुख रूप से कितने उपनिषदों पर अपना भाष्य लिखा है?
क). 08
ख). 10
ग). 15
घ). 20
✅ सही उत्तर:- ख). 10
Q6. ब्रह्मविद को क्या कहा जाता है?
क). वेदज्ञ
ख). मुमुक्षु
ग). साधक
घ). तपस्वी
✅ सही उत्तर:- क). वेदज्ञ
Q7. शांति पाठ “पूर्णमदः पूर्णमिदम्…” में ‘अदः’ पद का क्या अर्थ है?
क). यह (जगत)
ख). परमात्मा
ग). आधा
घ). शून्य
✅ सही उत्तर:- ख). परमात्मा
Q8. ‘ईशावास्योपनिषद’ में कुल कितने मंत्र हैं?
क). 12
ख). 15
ग). 18
घ). 20
✅ सही उत्तर:- ग). 18
Q9. ‘श्वेताश्वतर उपनिषद्’ में कुल कितने अध्याय हैं?
क). 04
ख). 06
ग). 08
घ). 10
✅ सही उत्तर:- ख). 06
Q10. ‘श्वेताश्वतर उपनिषद्’ के प्रथम अध्याय में कुल कितने मंत्र हैं?
क). 12
ख). 14
ग). 16
घ). 18
✅ सही उत्तर:- ग). 16
Q11. श्वेताश्वतर उपनिषद् किस वेद से संबंधित है?
क). ऋग्वेद
ख). सामवेद
ग). कृष्ण यजुर्वेद
घ). अथर्ववेद
✅ सही उत्तर:- ग). कृष्ण यजुर्वेद
Q12. ईशावास्योपनिषद् के अनुसार सत्य का मुख किस पात्र से ढका हुआ है?
क). लौह पात्र
ख). हिरण्मय पात्र
ग). ताम्र पात्र
घ). मिट्टी के पात्र
✅ सही उत्तर:- ख). हिरण्मय पात्र
Q13. ‘ईशावास्योपनिषद’ का संबंध किस वेद से है?
क). ऋग्वेद
ख). सामवेद
ग). शुक्ल यजुर्वेद
घ). अथर्ववेद
✅ सही उत्तर:- ग). शुक्ल यजुर्वेद
Q14. ईशावास्योपनिषद् के आठवें मंत्र के अनुसार ब्रह्म का स्वरूप कैसा है?
क). भौतिक शरीर वाला
ख). रूप रहित (अकायम्)
ग). सीमित
घ). दृश्यमान
✅ सही उत्तर:- ख). रूप रहित (अकायम्)
Q15. उपनिषदों और वेदों के अनुसार, सृष्टि के प्रारंभ में सबसे पहले किसकी उत्पत्ति हुई?
क). वायु
ख). जल
ग). हिरण्यगर्भ
घ). पृथ्वी
✅ सही उत्तर:- ग). हिरण्यगर्भ
Q16. गीता प्रेस की ‘कल्याण’ पत्रिका के प्रसिद्ध ‘उपनिषद्-अंक’ में कुल कितने उपनिषदों की चर्चा की गई है?
क). 11
ख). 54
ग). 108
घ). 21
✅ सही उत्तर:- ग). 108
Q17. निम्नलिखित में से सबसे प्राचीन उपनिषद् किसे माना जाता है?
क). कठ उपनिषद्
ख). बृहदारण्यक उपनिषद्
ग). ईशावास्य उपनिषद्
घ). मुण्डक उपनिषद्
✅ सही उत्तर:- ग). ईशावास्य उपनिषद्
Q18. ‘वेदाहमेतं पुरुषं महान्त-मादित्यवर्णं तमसः परस्तात् ।
तमेव विदित्वाति मृत्युमेति नान्यः पन्था विद्यतेऽयनाय ॥’ यह श्वेताश्वतर उपनिषद् के किस अध्याय से लिया गया मंत्र है?
क). प्रथम अध्याय
ख). द्वितीय अध्याय
ग). तृतीय अध्याय
घ). चतुर्थ अध्याय
✅ सही उत्तर:- ग). तृतीय अध्याय
Q19. उपनिषदों के अनुसार, शरीर के भीतर “अंगुष्ठ मात्र” किसे कहा गया है?
क). प्राण
ख). जीवात्मा/पुरुष
ग). मन
घ). बुद्धि
✅ सही उत्तर:- ख). जीवात्मा/पुरुष
Q20. उपनिषदों में ‘हंस’ शब्द का मुख्य आध्यात्मिक अर्थ क्या बताया गया है?
क). पक्षी विशेष
ख). जीवात्मा/परमात्मा
ग). प्राण वायु
घ). केवल एक प्रतीक
✅ सही उत्तर:- ख). जीवात्मा/परमात्मा
Q21. ‘शृण्वन्तु विश्वे अमृतस्य पुत्राः’ इस प्रसिद्ध मंत्र में ‘पुत्राः’ शब्द का सटीक अर्थ क्या है?
क). राजा के पुत्र
ख). देवगण
ग). परमात्मा के पुत्र
घ). ऋषि-मुनि
✅ सही उत्तर:- ग). परमात्मा के पुत्र
Q22. ईशावास्योपनिषद के अनुसार, निष्काम भाव से कर्म करते हुए मनुष्य को कितने वर्ष तक जीने की इच्छा करनी चाहिए?
क). 50 वर्ष
ख). 100 वर्ष
ग). 125 वर्ष
घ). 80 वर्ष
✅ सही उत्तर:- ख). 100 वर्ष
Q23. शुक्ल यजुर्वेद में कुल कितने अध्याय हैं?
क). 20
ख). 30
ग). 40
घ). 50
✅ सही उत्तर:- ग). 40
Q24. प्रसिद्ध महावाक्य ‘तत्त्वमसि’ किस उपनिषद् से लिया गया है?
क). ईशावास्य उपनिषद्
ख). छांदोग्य उपनिषद्
ग). मुण्डक उपनिषद्
घ). बृहदारण्यक उपनिषद्
✅ सही उत्तर:- ख). छांदोग्य उपनिषद्
Q25. ‘अहं ब्रह्मास्मि’ महावाक्य का उल्लेख किस उपनिषद् में मिलता है?
क). मुण्डक उपनिषद्
ख). तैत्तिरीय उपनिषद्
ग). बृहदारण्यक उपनिषद्
घ). केन उपनिषद्
✅ सही उत्तर:- ग). बृहदारण्यक उपनिषद्
Q26. क्षर कहा गया है –
क). परमात्मा
ख). प्रधान
ग). जीवात्मा
घ). चक्र
✅ सही उत्तर:- ख). प्रधान
Q27. मातरिश्वा पद का अर्थ होता है:
क). अग्नि
ख). वायु
ग). आदित्य
घ). जल
✅ सही उत्तर:- ख). वायु
Q28. ‘श्वेताश्वतर उपनिषद्’ के द्वितीय अध्याय में कुल कितने मंत्र हैं?
क). 12
ख). 14
ग). 17
घ). 18
✅ सही उत्तर:- ग). 17
आशा है कि आपको श्वेताश्वतर एवं ईशोपनिषद् बहुविकल्पीय प्रश्न उपयोगी और जानकारीपूर्ण लगा होगा। ऐसी ही उपयोगी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए जुड़े रहें gopath.in & boks.in के साथ आपका सहयोग और विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।
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