ईशावास्योपनिषद् बहुविकल्पीय प्रश्न Ishawasyopnishad MCQs

प्रिय विद्यार्थियों, इस पोस्ट में ईशावास्योपनिषद् बहुविकल्पीय प्रश्न Ishawasyopnishad MCQs है। जो संस्कृत की विविध प्रतियोगी परिक्षाओं NET JRF, TGT PGT तथा विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।

Q1. आदिशंकराचार्यः कति उपनिषदाम् भाष्यम् कृतवान्?

क). सप्त

ख). एकादश

ग). पञ्चदश

घ). विंशति

✅ सही उत्तर:- ख). एकादश

  1. ईशोपनिषद्
  2. केनोपनिषद्
  3. कठोपनिषद्
  4. प्रश्नोपनिषद्
  5. मुण्डकोपनिषद्
  6. माण्डुक्योपनिषद्
  7. ऐतरेयोपनिषद्
  8. तैत्तरीयोपनिषद्
  9. श्वेताश्वेतरोपनिषद्
  10. छान्दोग्योपनिषद्
  11. बृहदारण्यकोपनिषद्
Q2. ‘उपनिषद्’ इति पदे का धातु?

क). पठ्

ख). षदलृ

ग). लिख्

घ). गम्

✅ सही उत्तर:- ख). षदलृ

षदॢँ विशरणगत्यवसादनेषु 

Q3. उपनिषदः प्रतिपाद्यन्ते?

क). ज्ञानकाण्डम्

ख). कर्मकाण्डम्

ग). उपासनाकाण्डम्

घ). सर्वमपि

✅ सही उत्तर:- क). ज्ञानकाण्डम्

Q4. वेदानाम् अन्तिम भागः इति उच्यते?

क). ब्राह्मणम्

ख). आरण्यकम्

ग). संहिता

घ). उपनिषद् (वेदान्तः)

✅ सही उत्तर:- घ). उपनिषद् (वेदान्तः)

Q5. वैदिक साहित्यस्य कः भागः ‘वेदान्त’ नाम्ना ज्ञायते?

क). ब्राह्मणम्

ख). आरण्यकम्

ग). संहिता

घ). उपनिषद्

✅ सही उत्तर:- घ). उपनिषद्

Q6. ‘उपनिषद्’ इति पदे कः प्रत्ययः अस्ति?

क). क्त

ख). क्विप्

ग). ल्युट्

घ). शतृ

✅ सही उत्तर:- ख). क्विप्

Q7. ‘तेन त्यक्तेन भुञ्जीथाः’ इत्यत्र प्रयुक्तस्य ‘भुञ्जीथा’ इत्यस्य पदस्यार्थोऽस्ति’ – [RPSC AP YAJURVEDA 2024]

क). जानीथाः

ख). लभेथाः

ग). पालयेथाः

घ). खादयेथाः

✅ सही उत्तर:- ग). पालयेथाः

भुञ्जीथाः पालयेथाः

Q8. विद्ययया किम् अश्नुते ?

क). अमृतम्

ख). मृत्युम्

ग). शोकम्

घ). मोहम्

✅ सही उत्तर:- क). अमृतम्

विद्यां चाविद्यां च यस्तद्वेदोभयं सह ।
अविद्यया मृत्युं तीर्त्वा विद्ययाऽमृतमश्नुते ॥ ११ ॥

जो विद्या और अविद्या- इन दोनों को ही एक साथ जानता है वह अविद्या से मृत्यु को पार करके विद्या से अमरत्व प्राप्त कर लेता है ॥११॥

Q9. ‘न कर्म लिप्यते नरे’ – अत्र कीदृशं कर्म वर्णितम्?

क). अनासक्त कर्म

ख). आसक्त कर्म

ग). यज्ञ कर्म

घ). काम्य कर्म

✅ सही उत्तर:- क). अनासक्त कर्म

कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेच्छतं समाः ।
एवं त्वयि नान्यथेतोऽस्ति न कर्म लिप्यते नरे ॥ २ ॥

इस लोक में कर्म करते हुए ही सौ वर्ष जीने की इच्छा करे। इस प्रकार मनुष्यत्व का अभिमान रखनेवाले तेरे लिये इसके सिवा और कोई मार्ग नहीं है, जिससे तुझे [अशुभ] कर्म का लेप न हो ॥ २ ॥

Q10. माध्यन्दिन शाखा कस्मिन् अध्याये ईशोपनिषद् अस्ति?

क). द्वात्रिंशत्

ख). चत्वारिंशत्

ग). अष्टादश

घ). दश्

✅ सही उत्तर:- ख). चत्वारिंशत्

Q11. ईशावास्योपनिषदानुसारं कया रीत्या अमृतत्वस्य प्राप्तिः जायते ?

क). विद्यया

ख). अविद्यया

ग). असत्ये

घ). सत्येन

✅ सही उत्तर:- क). विद्यया

विद्यां चाविद्यां च यस्तद्वेदोभयं सह ।
अविद्यया मृत्युं तीर्त्वा विद्ययाऽमृतमश्नुते ॥ ११ ॥

जो विद्या और अविद्या- इन दोनों को ही एक साथ जानता है वह अविद्या से मृत्यु को पार करके विद्या से अमरत्व प्राप्त कर लेता है ॥११॥

Q12. प्रस्थानत्रय्यां सम्मिलितः अस्ति?

क). रामायणम्

ख). महाभारतम्

ग). उपनिषद्

घ). पुराणम्

✅ सही उत्तर:- ग). उपनिषद्

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Q13. ईशोपनिषदानुसारं कया मृत्युः तीर्यते ?

क). विद्यया

ख). अविद्यया

ग). कर्मणा

घ). तपसा

✅ सही उत्तर:- ख). अविद्यया

विद्यां चाविद्यां च यस्तद्वेदोभयं सह ।
अविद्यया मृत्युं तीर्त्वा विद्ययाऽमृतमश्नुते ॥ ११ ॥

जो विद्या और अविद्या- इन दोनों को ही एक साथ जानता है वह अविद्या से मृत्यु को पार करके विद्या से अमरत्व प्राप्त कर लेता है ॥११॥

Q14. प्रामाणिकः उपनिषदः सन्ति ?

क). अष्टादश

ख). चत्वारः

ग). एकादश

घ). षोडश

✅ सही उत्तर:- ग). एकादश

  1. ईशोपनिषद्
  2. केनोपनिषद्
  3. कठोपनिषद्
  4. प्रश्नोपनिषद्
  5. मुण्डकोपनिषद्
  6. माण्डुक्योपनिषद्
  7. ऐतरेयोपनिषद्
  8. तैत्तरीयोपनिषद्
  9. श्वेताश्वेतरोपनिषद्
  10. छान्दोग्योपनिषद्
  11. बृहदारण्यकोपनिषद्
Q15. उपनिषत्सु वर्णनम् अस्ति?

क). काव्यस्य

ख). नाटकस्य

ग). ब्रह्मचिन्तनस्य

घ). व्याकरणस्य

✅ सही उत्तर:- ग). ब्रह्मचिन्तनस्य

Q16. ईशोपनिषदे कति मन्त्राः सन्ति ?

क). दश्

ख). पञ्चदश

ग). अष्टादश

घ). विंशति

✅ सही उत्तर:- ग). अष्टादश

Q17. ईशोपनिषदः सम्बन्धः केन अस्ति?

क). ऋग्वेदेन

ख). शुक्ल यजुर्वेदेन

ग). सामवेदेन

घ). अथर्ववेदेन

✅ सही उत्तर:- ख). शुक्ल यजुर्वेदेन

Q18. ईशोपनिषदः सम्बन्धः कया शाखया सह अस्ति ?

क). काण्व शाखा

ख). माध्यन्दिन शाखा (वाजसनेयि)

ग). शौनक शाखा

घ). पिप्पलाद शाखा

✅ सही उत्तर:- ख). माध्यन्दिन शाखा (वाजसनेयि)

Q19. ईशोपनिषदः ऋषिः कः?

क). दधीचिः

ख). विश्वामित्रः

ग). वसिष्ठः

घ). याज्ञवल्क्यः

✅ सही उत्तर:- घ). याज्ञवल्क्यः

Q20. ईशोपनिषदः शान्तिपाठः अस्ति ?

क). ॐ सहनाववतु

ख). ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं

ग). ॐ अग्निमीले पुरोहितम्

घ). ईशावास्यमिदं सर्वम्

✅ सही उत्तर:- ख). ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते ।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ।

ॐ वह (परब्रह्म) पूर्ण है और यह (कार्यब्रह्म) भी पूर्ण है, क्योंकि पूर्ण से पूर्ण की ही उत्पत्ति होती है । तथा [प्रलयकाल में] पूर्ण [कार्यब्रह्म] का पूर्णत्व लेकर (अपने में लीन करके) पूर्ण [परब्रों] ही बच रहता है। त्रिविध ताप की शान्ति हो।

Q21. लघुकायः उपनिषदः कः?

क). ईशोपनिषद्

ख). बृहदारण्यकोपनिषद्

ग). छान्दोग्योपनिषद्

घ). तैत्तिरीयोपनिषद्

✅ सही उत्तर:- क). ईशोपनिषद्

क्योंकि ईशावास्योपनिषद् में केवल 18 मन्त्र हीं प्राप्त होते हैं।

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Q22. ‘मा गृधः कस्यस्विद्धनम्’ इति मन्त्रांशे ‘गृधः’ इति पदस्यार्थः किम्?

क). आसक्तम्

ख). निगरणम्

ग). गमनम्

घ). अज्ञानम्

✅ सही उत्तर:- क). आसक्तम्

Q23. ‘कुर्वन्नेवेह कर्माणि’ इति मन्त्रः कुत्र अस्ति?

क). ऋग्वेदे

ख). ईशोपनिषदे

ग). सामवेदे

घ). अथर्ववेदे

✅ सही उत्तर:- ख). ईशोपनिषदे

कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेच्छतं समाः ।
एवं त्वयि नान्यथेतोऽस्ति न कर्म लिप्यते नरे ॥ २ ॥

इस लोक में कर्म करते हुए ही सौ वर्ष जीने की इच्छा करे। इस प्रकार मनुष्यत्व का अभिमान रखनेवाले तेरे लिये इसके सिवा और कोई मार्ग नहीं है, जिससे तुझे [अशुभ] कर्म का लेप न हो ॥ २ ॥

Q24. आत्महनो जनाः प्रेत्य कुत्र अभिगच्छन्ति ?

क). स्वर्गलोकम्

ख). असूर्यलोकः

ग). वैकुण्ठम्

घ). पातालम्

✅ सही उत्तर:- ख). असूर्यलोकः

Q25. “पूर्णमदः पूर्णमिदं” इतिमन्त्रे ‘अदः’ पदस्यार्थः किम्?

क). परमात्मा

ख). भक्षणकर्त्ता

ग). जीवात्मा

घ). शान्तिः

✅ सही उत्तर:- क). परमात्मा

Q26. “अन्धं तमः प्रविशन्ति ये ________ उपासते”। रिक्तस्थाने भवति ?

क). विद्यया

ख). अविद्याम्

ग). सत्यम्

घ). धर्मम्

✅ सही उत्तर:- ख). अविद्याम्

अन्धन्तमः प्रविशन्ति येऽविद्यामुपासते ।
ततो भूय इव ते तमोय उ विद्यायां रताः ॥ ९ ॥

जो अविद्या (कर्म) की उपासना करते हैं वे [अविद्यारूप] घोर अन्धकार में प्रवेश करते हैं और जो विद्या (उपासना) में ही रत हैं वे मानो उससे भी अधिक अन्धकार में प्रवेश करते हैं ॥९॥

Q27. विनाशेन मृत्युं तीर्त्वा सम्भूत्या ________ अश्नुते। रिक्तस्थाने किं भविष्यति ?

क). मृतम्

ख). जीवनम्

ग). अमृतम्

घ). शरीरम्

✅ सही उत्तर:- ग). अमृतम्

सम्भूतिं च विनाशं च यस्तद्वेदोभयं सह ।
विनाशेन मृत्युं तीर्त्वा सम्भूत्यामृतमश्नुते ॥ १४ ॥

जो असम्भूति और कार्यब्रह्म- इन दोनों को साथ-साथ जानता है वह कार्यब्रह्म की उपासना से मृत्यु को पार करके असम्भूति के द्वारा [ प्रकृतिल्यरूप] अमरत्व प्राप्त कर लेता है ॥१४॥

Q28. ‘वायुरनिलममृतमथेदं भस्मान्तं शरीरम्’ इति मन्त्रः कस्य उपनिषदः अस्ति ?

क). ईशोपनिषदः

ख). कठोपनिषदः

ग). प्रश्नोपनिषदः

घ). मुण्डकोपनिषदः

✅ सही उत्तर:- क). ईशोपनिषदः

Q29. हिरण्मयेन पात्रेण कस्य अपिहितं मुखम्?

क) असत्यस्य (प्रकृतेः)

ख) सत्यस्य ( ब्रह्मणः)

ग) अज्ञानस्य

घ) स्वर्णाभूषणस्य

✅ सही उत्तर:- ख) सत्यस्य ( ब्रह्मणः)

हिरण्मयेन पात्रेण सत्यस्यापिहितं मुखम्।
तत्त्वं पूषन्नपावृणुसत्यधर्माय मुखम् । दृष्टये ॥ १५ ॥

शाङ्करभाष्यः – हिरण्मयमिव हिरण्मयं ज्योतिर्मयमित्येतत् । तेन पात्रेणेव अपिधानभूतेन सत्यस्यैवादित्य-मण्डलस्थस्य ब्रह्मणोऽपिहितम् आच्छादितं मुखं द्वारम् । तत्त्वं हे पूषन्नपावृण्वपसारय सत्यस्य उपासनात्सत्यं धर्मो यस्य मम सोऽहं सत्यधर्मा तस्मै मह्यमथवा यथाभूतस्य धर्मस्यानुष्ठात्रे दृष्टये तव सत्यात्मन उपलब्धये ॥ १५॥

Q30. ‘ईशावास्यमिदम्’ इत्यनया कण्डिकया ज्ञायते – [RPSC AP YAJURVEDA 2024]

क). सर्वत्र भगवदृष्टिः

ख). कर्मविधिः

ग). कर्मफलम्

घ). जगतः स्वरूपम्

✅ सही उत्तर:- ). सर्वत्र भगवदृष्टिः

क्योकि इस मन्त्र के द्वारा सम्पूर्ण जगत् को ब्रह्ममय बताया जा रहा है। जिससे पृथक् इस संसार में अन्य कुछ भी नहीं।

आशा है कि आपको ईशावास्योपनिषद् बहुविकल्पीय प्रश्न Ishawasyopnishad MCQs उपयोगी और जानकारीपूर्ण लगा होगा। ऐसी ही उपयोगी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए जुड़े रहें gopath.in & boks.in के साथ आपका सहयोग और विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।

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