प्रिय विद्यार्थियों, इस पोस्ट में वैदिक व्याख्या बहुविकल्पीय प्रश्न Vaidik Vyakhya MCQs है। जो संस्कृत की विविध प्रतियोगी परिक्षाओं NET JRF, TGT PGT तथा विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
Q1. ‘विदन्ति जानन्ति, विद्यन्ते भवन्ति, विन्दन्ति विन्दन्ते, लभन्ते, विन्दते विचारयन्ति सर्वे मनुष्याः सर्वाः सत्यविद्या यैर्येषु वा तथा विद्वांसश्च भवन्ति ते ‘वेदाः’।’ वेदस्य व्युत्पत्तिरियं केन प्रदत्ता ? [RPSC AP YAJURVEDA 2024]
वेदोत्पत्तिविषय, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका
Q2. वेंकटमाधवस्य विषये सत्यं नास्ति – [RPSC AP YAJURVEDA 2024]
वेंकटमाधव परिचय
पिता – वेंकटार्य
पितामह- माधव
माता – सुन्दरी
कुल – कौशिक
ग्राम – गोमान्
काल – सायणाचार्य से पूर्व (10 वीं शताब्दी)
नोट – वर्तमान पाठ्यक्रम में वेंकटमाधव का उल्लेख न होने पर भी महत्वपूर्ण विषय है।
Q3. प्रतीकात्मिकाध्यात्मिका पद्धतिः आसीत् – [RPSC AP YAJURVEDA 2024]
Q4. यजुर्वेदस्य पाश्चात्यभाष्यकाराणां विषये सत्यं नास्ति – [RPSC AP YAJURVEDA 2024]
- ग्रिफिथ ने अथर्ववेद का पद्यानुवाद The Hymns of the Atharva-Veda‘ शीर्षक से 1895-96 के आसपास दो खंडों में प्रकाशित किया।
- श्रोदर (Leopold von Schroeder) ने कृष्ण यजुर्वेद के मैत्रायणी संहिता का सम्पादन किया।
- राबर्ट डी. नोबिली (Roberto de Nobili) एक इतालवी जेसुइट मिशनरी थे। ‘Ezourvedam’ (यजुर्वेद का एक छद्म रूप) नामक ग्रन्थ के बारे में विद्वानों के बीच लंबे समय तक यह विवाद रहा है कि इसके वास्तविक लेखक कौन थे
- लैटिन अनुवाद: वेबर ने अपने शोध प्रबंध (Doctoral Thesis) में वाजसनेयी संहिता के नौवें और दसवें अध्याय (9th and 10th Chapters) का पाठ (Text), विश्लेषण और लैटिन भाषा में अनुवाद प्रस्तुत किया था।
Q5. “इष्टप्राप्त्यनिष्टपरिहारयोः लौकिकंमुपायं यो ग्रन्थो वेदयति स वेदः” वेदलक्षणमिदं कस्य वर्तते ? [RPSC AP YAJURVEDA 2024]
Q6. उव्वटकृतशुक्लयजुर्वेदभाष्य-नाम वर्तते -[RPSC SANSKRIT LECTURER YAJURVED 2024]
- वेंकटमाधव – वेंकटमाधवीयम्
- महीधर – वेददीप (माध्यन्दिन सं.)
- माधव – विवरण भाष्य (सामवेद)
- गुणविष्णु – छान्दोग्यमत्रभाष्य (कौथुम शा.)
- अन्य – ब्राह्मण भाष्य, पारस्कर गृ.सू. भाष्य
- हलायुध – ब्राह्मणसर्वस्व (काण्व संहिता) मीमांसासर्वस्व, वैष्णवसर्वस्व, शेवसर्वस्व, पण्डित-सर्वस्व
- भट्टभास्कर – ज्ञानयज्ञ (तैत्तिरीय संहिता)
- कात्यायन श्रौतसूत्र के भाष्यकार- कर्काचार्य,
- आश्वलायन श्रौतसूत्र के भाष्यकार – नारायण,
- आपस्तब के भाष्यकार – धूर्तस्वामी
- कात्यायन के सर्वानुक्रमणिका की व्याख्या – “वेदार्थदीपिका।
- श्री सातलवेकर ने चारों वेदों पर (सुबोध) भाष्य लिखा।
Q7. मैक्समूलरमते ऋग्वेदस्य कालोऽस्ति – [MPPSC SET II 24]
(क) 1200 ई.पू. में 1000 ई.पू.। यह छन्द-काल है। इसमें निविद् आदि स्फुट वैदिक मन्त्रों की रचनाएँ हुई ।
(ख) 1000 ई.पू. से 800 ई.पू. । यह मन्त्र काल है। इसमें वैदिक संहिताओं की रचना हुई और उनका संकलन हुआ।
(ग) 800 ई.पू. से 600 ई.पू. । यह ब्राह्मणकाल है। इसमें ब्राह्मण ग्रन्थों की रचना हुई ।
(घ) 600 ई.पू. से 400 ई.पू. । यह सूत्रकाल है। इसमें श्रौतसूत्रों, गृह्यसूत्रों आदि की रचना हुई ।
कुछ समय तक यह मत अत्यन्त प्रचलित रहा, किन्तु बाद में स्वयं मैक्समूलर ने इस मत को अमान्य कर दिया। 1400 ई.पू. के बोगाज़कोई के शिलालेख की प्राप्ति के बाद यह मत सर्वथा निरस्त हो गया ।
Q8. आचार्य सायण किस साम्राज्य के अधीनस्थ होकर कार्य करते थे –
सायण – 14वीं शताब्दी
Q9. स्वामी दयानन्द सरस्वती किस स्थान के निवासी थे –
Q10. ‘उद्गाता’ पद से द्योतित होता है –
Q11. विल्सन ने अनुवाद कार्य करते हुए किस भारतीय विद्वान् का अनुसरण किया ? –
Q12. ऋग्वेद पर मिलित रूप से भाष्य किया –
ऋग्वेदभाष्य में वेङ्कटमाधव ने लिखा कि-
“स्कन्दस्वामी नारायण उद्गीथ इति ते क्रमात्।
चक्रुः सहैकमृग्भाष्यं पदवाक्यर्थगोचरम्”।।
Q13. अथर्ववेद के द्रष्टा ऋषि माने जाते हैं –
तदृग्वेदधरः पैलः सामागो जैमिनिः कविः।
वैशम्पायन एवैको निष्णातो यजुषामुत।
अथर्वांगिरसामासीत् सुमन्तुर्दारुणो मुनिः॥ (भागवत. 1.4.21)
Q14. तैत्तिरीयोपनिषद् के अनुसार शिक्षा के अन्तर्गत नहीं है –
Q15. शांखायन शाखा किस वेद से संबंधित है –
Q16. यजुर्वेद की परिभाषा नहीं है –
क). अनियताक्षरावसानो यजुः – जिसमें अक्षरों का अवसान अनियत हो।
ख). एकशतमध्वर्युशाखाः – यह यजुर्वेद की परिभाषा नहीं अपितु उसमें स्थित शाखाओं की गणना है।
ग). गद्यात्मको यजुः – गद्यपूर्वक रचित मन्त्र यजु कहलाते हैं।
घ). शेषे यजुः – ऋक् व साम मन्त्रों से शेष मन्त्र यजु वेद वाले होते हैं।
Q17. औद्गात्रकर्म संबंधित है –
औद्गात्रकर्म सम्पादियिता उद्गातृनाम्ना ऋत्विजा उच्चारिताः मन्त्राः कृष्णद्वैपायनेन सामवेदसंहितायां संकलिताः।
Q18. प्रातिशाख्य किस वेदाङ्ग से संबंधित है –
Q19. मैक्समूलर का जन्म कहां हुआ था ?
Q20. अधोलिखितेषु यजुर्वेदीयशिक्षाग्रन्थाः भवन्ति – [UGC NET DEC 2025]
A. अमरेशी शिक्षा
B. याज्ञवल्क्यशिक्षा
C. लोमशी शिक्षा
D. माण्डूकी शिक्षा
E. माण्डव्यशिक्षा
अधोलिखितेषु समीचीनमुत्तरं चिनुत।
वेदों के प्रमुख शिक्षाग्रन्थ-
| ऋग्वेद | शुक्लयजुर्वेद | कृष्ण यजुर्वेद | सामवेद | अथर्ववेद |
| 1. शिशिरीय शिक्षा | 1. याज्ञवल्क्य शिक्षा | 1. चारायणीय शिक्षा | 1. नारदीय शिक्षा | 1. माण्डूकीय शिक्षा |
| 2. शौनक शिक्षा | 2. वर्णरत्न प्रदीपिका | 2. भारद्वाज शिक्षा | 2. लोमशीय शिक्षा | 2. वर्णपटल शिक्षा |
| 3. पाणिनीय शिक्षा | 3. प्रातिशाख्य प्रदीप | 3. व्यास शिक्षा | 3. गौतमीय शिक्षा | 3. दन्त्योष्ट विधि शिक्षा |
| 4. स्वराङ् शिक्षा | 4. सम्प्रदाय प्रबोधिनी | 4. सर्वसम्मत शिक्षा | ||
| 5. स्वरव्यञ्जन शिक्षा | 5. माण्डव्य | 5. पारिशिक्षा | ||
| 6. अवसाननिर्णय | 6. कौण्डिन्य शिक्षा |
Q21. क्रमशः ऋग्वेदीयद्वितीय-तृतीय-चतुर्थ-पञ्चम-षष्ठमण्डलानाम् ऋषयो भवन्ति –[UGC NET DEC 2025]
A. भरद्वाजः
B. अत्रिः
C. वामदेवः
D. गृत्समदः
E. विश्वामित्रः
अधोलिखितेषु समीचीनमुत्तरं चिनुत।
ऋग्वेद मण्डलों की संज्ञा, ऋषि, सूक्त तथा मन्त्र-
| मण्डल | संज्ञा | ऋषि | सूक्त सं. | मन्त्र |
| प्रथम | देवता | मधुच्छन्दा | 191 | 2006 |
| द्वितीय | कथा | गृत्समद | 43 | 429 |
| तृतीय | संवाद | विश्वामित्र | 62 | 617 |
| चतुर्थ | ध्रुवपद | वामदेव | 52 | 589 |
| पंचम | तत्त्वज्ञान | अत्रि | 87 | 727 |
| षष्ठ | दानस्तुति | भारद्वाज | 75 | 765 |
| सप्तम | यात्रिक | वशिष्ठ | 104 | 841 |
| अष्टम | संस्कार | कण्व (प्रगाथा मण्डल) | 103 | 1716 |
| नवम | लौकिक | पवमान सोम | 114 | 1108 |
| दशम | आप्तसूक्त | इन्द्राणी, शची, उर्वशी | 191 | 1754 |
Q22. अधोलिखितेषु सामवेदीयं ब्राह्मणद्वयम् अस्ति-[UGC NET JUNE 2025]
A. कौषीतिकिब्राह्मणम्
B. वंशब्राह्मणम्
C. संहितोपनिषद्ब्राह्मणम्
D. ऐतरेयब्राह्मणम्
अधस्तनेषु समीचीनं विकल्पं चिनुत-
Q23. मैक्समूलर के अनुसार वैदिक साहित्य का पहला अध्याय माना जाता है ।
(क) 1200 ई.पू. में 1000 ई.पू.। यह छन्द-काल है। इसमें निविद् आदि स्फुट वैदिक मन्त्रों की रचनाएँ हुई ।
(ख) 1000 ई.पू. से 800 ई.पू. । यह मन्त्र काल है। इसमें वैदिक संहिताओं की रचना हुई और उनका संकलन हुआ।
(ग) 800 ई.पू. से 600 ई.पू. । यह ब्राह्मणकाल है। इसमें ब्राह्मण ग्रन्थों की रचना हुई ।
(घ) 600 ई.पू. से 400 ई.पू. । यह सूत्रकाल है। इसमें श्रौतसूत्रों, गृह्यसूत्रों आदि की रचना हुई ।
Q24. आर्षेयब्राह्मणं केन वेदेन सह सम्बद्धम् ?[UGC NET JUNE 2025]
Q25. अधोलिखितेषु कस्य वेदस्य नाम ‘दशतयी’ इति प्रथितम् ?[UGC NET JUNE 2025]
Q26. षट्पञ्चाशिका नाम ग्रन्थः कस्य वेदाङ्गस्य प्रतिनिधिः ?[UGC NET JUNE 2025]
Q27. ऋग्वेदस्य व्याख्यापद्धतिषु पौर्वापर्यं निधारणीयम् –[UGC NET JUNE 2025]
A. वेङ्कटमाधवस्य व्याख्यापद्धतिः
B. उद्गीथस्य व्याख्यापद्धतिः
C. भट्टगोविन्दस्य व्याख्यापद्धतिः
D. सायणाचार्यस्य व्याख्यापद्धतिः
अधस्तनेषु समुचितं विकल्पं चिनुत-
Q28. समीचीनं मेलयत –
List-I |
List-II |
A. ऐतरेयब्राह्मणम् |
I. सामवेदः |
B. शाट्यायनब्राह्मणम् |
II. शाङ्खायनः |
C. कौषीतकिब्राह्मणम् |
III. यजुर्वेदः |
D. शतपथब्राह्मणम् |
IV. महिदासः |
अधोलिखितविकल्पेषु समुचितमुत्तरं चिनुत-[UGC NET DEC 2024]
Q29. गोपथब्राह्मणं एतत्सम्बद्धं भवति-[UGC NET DEC 2024]
Q30. भित्तिस्थानीयः वेदः कः?[UGC NET DEC 2024]
आशा है कि आपको वैदिक व्याख्या बहुविकल्पीय प्रश्न Vaidik Vyakhya MCQs उपयोगी और जानकारीपूर्ण लगा होगा। ऐसी ही उपयोगी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए जुड़े रहें gopath.in & boks.in के साथ आपका सहयोग और विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।
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