प्रिय विद्यार्थियों, इस पोस्ट में कादम्बरी वासवदत्ता के बहुविकल्पीय प्रश्न Kadambari Vasavdatta MCQs है। जो मुख्यतः दिल्ली विश्वविद्यालय के परास्नातक संस्कृत के तृतीय सत्र 3rd Sem से संबंधित है तथा संस्कृत की विविध प्रतियोगी परिक्षाओं NET JRF, TGT PGT तथा विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
Q1. कादम्बरी के अनुसार किसके मुख में सर्पसदृश विष रहता है ?
अकारणाविष्कृतवैरदारुणादसज्जनात् कस्य भयं न जायते ।
विषं महादेरिव यस्य दुर्वचः सुदुःसहं सन्निहितं सदा मुखं ॥
Q2. कादम्बरी के मङ्गलाचरण में किनको नमन किया गया है ?
रजोजुषे जन्मनि सत्ववृत्तये स्थितौ प्रजानां प्रलये तमस्पृशे।
अजाय सर्गस्थितिनाशहेतवे त्रयीमयाय त्रिगुणात्मने नमः॥
Q3. कादम्बरी के पद्य में ‘ उपेन्द्र ‘ से इंगित किया है –
जयन्त्युपेद्रः स चकार दूरतो बिभित्सया यः क्षणलब्धलक्ष्यया।
दर्पणटीका – स उपेन्द्रो विष्णुर्नृसिंह्रावतारी जयति सर्वोत्कृष्टत्वेन वर्तते
Q4. बाणासुर किसके शत्रु थे ?
जयन्ति बाणासुरमौलिलालिता दशास्यचूड़ामणिचक्रचुम्बिनः।
सुरासुराधीशशिखान्तशायिनो भवच्छिदस्त्र्यम्बकपादपांसवः ।।
Q5. ‘ दशास्यचूड़ामणिचक्रचुम्बितः ‘ में ‘ चक्र ‘ इस पद का तात्पर्य है –
Q6. कादम्बरी का मङ्लाचरण है –
रजोजुषे जन्मनि सत्ववृत्तये स्थितौ प्रजानां प्रलये तमस्पृशे।
अजाय सर्गस्थितिनाशहेतवे त्रयीमयाय त्रिगुणात्मने नमः॥
Q7. बाणभट्ट के गुरु का नाम था –
नमामि भत्सोश्चरणाम्बुजद्वयं।
Q8. वासवदत्ता के मङ्गलाचरण में सर्वप्रथम किसकी स्तुति की गई है –
करबदरसदृशमखिलं भुवनतलं यत्प्रसादतः कवयः।
पश्यन्ति सूक्ष्ममतयः सा जयति सरस्वती देवी॥
Q9. भगवद्विषयक रति कहलाती है –
सञ्चारिणः प्रधानानि देवादिविषया रतिः।
उद्बुद्धमात्रः स्थायी च भाव इत्यभिधीयते॥
Q10. कठिनता से रस्सी के बांधने का संदेह किनमें होता है ?
Q11. वासवदत्ता का मङ्गलाचरण किस छन्द में है –
यस्या पदे प्रथमे द्वादशमात्रास्तथा तृतीयेऽपि।
अष्टादश द्वितीये चतुर्थके पञ्चदश साऽर्या॥
Q12. वासवदत्ता तथा कादम्बरी है –
Q13. नकुलद्वेषी कौन होता है –
Q14. सुबन्धु किस राजा के समकालीन प्रतीत होते हैं –
सा रसवत्ता विहता नवका विलसन्ति चरति नो कङ्कः।
सरसीव कीर्तिशेषं गतवति भुवि विक्रमादित्ये।।
Q15. सुजनैकबन्धु किस कवि का विशेषण है –
सरस्वतीदत्तवरप्रसादश्चक्रे सुबन्धु सुजनैकबन्धुः।
प्रत्यक्षरश्लेषमयप्रबन्धविन्यासवैदग्ध्यनिधिर्निबन्धम्।।
Q16. वासवदत्ता में किस अलङ्कार की प्रधानता है ?
सरस्वतीदत्तवरप्रसादश्चक्रे सुबन्धु सुजनैकबन्धुः।
प्रत्यक्षरश्लेषमयप्रबन्धविन्यासवैदग्ध्यनिधिर्निबन्धम्।।
Q17. ‘ आनकदुन्दुभि ‘ किसका विशेषण है ?
Q18. पूतना का अपर नाम क्या है –
आनकदुन्दुभि कृतकाव्यादस्य
Q19. क्षणदा का तात्पर्य है –
रविरिव क्षणदानन्दप्रियश्छायासन्तापहरश्च
Q20. भीम का अपर नाम होता है –
धृतराष्ट्रोऽपि गुणप्रियः
Q21. गोत्र पद का अर्थ नहीं है –
Q22. गद्य के कितने प्रकार हैं –
अथ गद्यकाव्यानि
तत्र गद्यम्-
वृत्तगन्धोज्झितं गद्यं मुक्तकं वृत्तगन्धि च ।
भवेदुत्कलिकाप्रायं चूर्णकं च चतुर्विधम् ।।( सा. द. 6.330 )
( एते चतुर्गद्यप्रकाराः )
Q23. बाणभट्ट का काल है –
Q24. हर्षचरित रचना है –
Q25. अग्निपुराण के अनुसार गद्य साहित्य होते है –
1.कथा 2.आख्यायिका 3.परिकथा 4.खण्डकथा 5.कथानक
आशा है कि आपको कादम्बरी वासवदत्ता के बहुविकल्पीय प्रश्न Kadambari Vasavdatta MCQs उपयोगी और जानकारीपूर्ण लगा होगा। यदि अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अपने मित्रों और विद्यार्थियों के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। यदि इसमें किसी प्रकार की त्रुटि हो गई हो या आपका कोई प्रश्न हो, या आपको कोई सुधार या सुझाव देना हो, तो कृपया नीचे कमेंट में अवश्य बताएं। आपके सुझाव हमारे लिए अत्यंत मूल्यवान हैं।
ऐसी ही उपयोगी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए जुड़े रहें gopath.in & boks.in के साथ आपका सहयोग और विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।