प्रिय विद्यार्थियों, इस पोस्ट में CUET PG B.Ed पूर्व वर्ष प्रश्न पत्र 2025 (COQP05) Hindi का समाधान है। जो मुख्यतः B.Ed Language प्रवेश परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है।
Q1. इनमें से कौन सा व्यंजन अल्पप्राण, सघोष है –
Q2. 69 संख्या की शुद्ध वर्तनी है –
Q3. सरकारी कामकाज की वह भाषा जिसे संविधान ने सरकारी कामकाज के लिए स्वीकृत किया है, कहलाती है –
Q4. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए –
सूची-I (उपभाषाएँ) |
सूची-II (बोलियाँ) |
(A). पश्चिमी हिंदी |
(I). अवधी, बघेली |
(B). पूर्वी हिंदी |
(II). मैथिली, मगही |
(C). पहाड़ी |
(III). ब्रजभाषा, खड़ी बोली |
(D). बिहारी |
(IV). गढ़वाली, कुमायुंनी |
Q5. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए –
सूची-I (अनेक शब्द) |
सूची-II (एक शब्द) |
(A). देखने की इच्छा |
(I). तितीर्षा |
(B). करने की इच्छा |
(II). चिकीर्षा |
(C). तैरने की इच्छा |
(III). जिजीविषा |
(D). जीने की इच्छा |
(IV). दिदृक्षा |
Q6. सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए –
सूची-I (मुहावरे/लोकोक्ति) |
सूची-II (प्रचलित अर्थ) |
(A). पीछा करना |
(I). परोक्ष में |
(B). पीछे पड़ना |
(II). हार मानना |
(C). पीठ दिखाना |
(III). परेशान करना |
(D). पीठ पीछे |
(IV). खोजना |
Q7. ‘यथासंभव’ में कौन सा समास है –
Q8. ‘मक्षिका’ किसका तत्सम शब्द है –
Q9. वर्तनी की दृष्टि से कौन सा शब्द सही है –
Q10. ‘जल से परिपूर्ण’ के लिए एक सही शब्द है –
Q11. ‘चौथा व्यक्ति ज्यादा होशियार है’, इस वाक्य में ‘चौथा’ क्या है –
Q12. औपचारिक पत्र के अंतर्गत नहीं आता है –
Q13. जिन स्वरों के उच्चारण में दो मात्रा का समय लगता है या ह्रस्व से दोगुना समय लगता है, कहलाते हैं –
Q14. निम्नलिखित पंक्तियों को क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए –
(A). राम सो खरो है कौन
(B). राम से बड़ो है कौन
(C). मोसो कौन छोटो
(D). मोसो कौन खोटो
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Q15. निम्नलिखित कथन को क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए –
(A). अवकाश के समय की गतिविधियाँ
(B). हम तनाव निराशा आदि को
(C). सूचक होती हैं जिसके जरिए
(D). दूर करने की कोशिश करते हैं
Q16. निम्नलिखित में से रस और स्थायी भाव के युग्मों को चुनाव कीजिए –
(A). श्रृंगार – रति
(B). रौद्र – क्रोध
(C). वीर – उत्साह
(D). शांत – भय
Q17. निम्नलिखित में से छंद और उनकी मात्राओं के युग्मों का चुनाव कीजिए –
(A). साधारण छंद – 32 से अधिक
(B). दंडक छंद – 32 मात्राओं से कम
(C). साधारण वृत्त – 26 वर्ण तक
(D). दंडक वृत्त – 26 वर्णों से अधिक
Q18. निम्नलिखित में से शब्द और उनके पर्यायवाची युग्मों का चुनाव कीजिए –
(A). अश्व – घोटक
(B). कपट – व्याज
(C). कठोर – मृदु
(D). चतुर – विज्ञ
Q19. ‘ईश्वर तुम्हें दीघार्यु दें’ में अर्थ के आधार पर वाक्य का भेद बताएँ –
Q20. कृदंत प्रत्यय किन शब्दों के साथ जुड़ते हैं –
Q21. ‘जिसका जवाब ना हो’, उसे कहा जाता है –
Q22. निम्नलिखित में से कौन एक संयुक्त व्यंजन नहीं है –
गद्यांश 1 (प्रश्न 23-25 के लिए)
एकांत ढूंढने के कई सकारात्मक कारण हैं। एकांत की चाह किसी घायल मन की आह भर नहीं, जो जीवन के काँटों से बिंध कर घायल हो चुका है, एकांत सिर्फ उससे शरण मात्र नहीं। यह उस इंसान की ख्वाइश भर नहीं, जिसे इस संसार में ‘फेंक दिया गया’ हो और वह फेंके दिये जाने की स्थिति से भयभीत होकर एकांत ढूंढ रहा हो। हम जो एकांत में होते हैं, वही वास्तव में होते हैं। एकांत हमारी चेतना की अंतर्वस्तु को पूरी तरह उघाड़ कर रख देता है। अंग्रेजी का एक शब्द है- ‘आइसोनोफिलिया’। इसका अर्थ है अकेलेपन, एकांत से गहरा प्रेम। पर इस शब्द को गौर से समझें तो इसमें अलगाव की एक परछाई भी दिखती है। एकांत प्रेमी हमेशा ही अलगाव की अभेद्य दीवारों के पीछे छिपना चाह रहा हो, यह जरूरी नहीं। एकांत की अपनी एक विशेष सुरभि है और जो अभिड़ के अशिष्ट प्रपंचों में फँस चुका हो, ऐसा मन कभी इसका सौंदर्य नहीं देख सकता। एकांत और अकेलेपन में थोड़ा फर्क समझना जरूरी है। एकांतजीवी में कोई दोष या मनोमालिन्य नहीं होता। वह किसी व्यक्ति या परिस्थिति से तंग आकर एकांत की शरण में नहीं जाता। न ही आतातायी नियति के विषैले बाणों से घायल होकर वह एकांत की खोज करता है। अंग्रेजी कवि लॉर्ड बायरन ऐसे एकांत की बात करते हैं। वे कहते हैं कि वे ऐसा नहीं कि वे इंसान से कम प्रेम करते हैं, बस प्रकृति से ज्यादा प्रेम करते हैं।
बुद्ध अपने शिष्यों से कहते हैं कि वे जंगल में विचरण करते हुए गैंडे के सींग की तरह अकेले रहें। वे कहते हैं- प्रत्येक जीव जन्तु के प्रति हिंसा का त्याग करते हुए, किसी की भी हानि की कामना न करते हुए, अकेले चलो-फिरो, वैसे ही जैसे किसी गैंडे का सींग। हक्सले ‘एकांत के धर्म’ या ‘रिलीजन ऑफ सोलीट्यूड’ की बात करते हैं। वे कहते हैं कि जो मन जितना ही अधिक शक्तिशाली और मौलिक होगा, एकांत के धर्म की तरफ उसका उतना ही अधिक झुकाव होगा; धर्म के क्षेत्र में एकांत, अंधविश्वासों, मतों और धर्मांधता के शोर से दूर ले जाने वाला होता है।
इसके अलावा एकांत धर्म और विज्ञान के क्षेत्र में नई अंतर्दृष्टियों को भी जन्म देता है। ज्याँ पॉल सात्र इस बारे में बड़ी ही खूबसूरत बात कहते हैं। उनका कहना है- ईश्वर एक अनुपस्थिति है। ईश्वर है इंसान का एकांत।
क्या एकांत लोग इसलिए पसंद करते हैं कि वे किसी को मित्र बनाने में असमर्थ हैं? क्या वे सामाजिक होने की अपनी असमर्थता को छिपाने के लिए एकांत को महिमामंडित करते हैं? वास्तव में एकांत एक दुधारी तलवार की तरह है। लोग क्या कहेंगे इसका डर भी हमें अक्सर एकांत में रहने से रोकता है। यह बड़ी अजीब बात है, क्योंकि जब आप वास्तव में अपने साथ या अकेले होते हैं, तभी इस दुनिया और कुदरत के साथ अपने गहरे संबंध का अहसास होता है। इस संसार को और अधिक गहराई और अधिक समानुभूति के साथ प्रेम करके ही हम अपने दुखदाई अकेलेपन को बाहर हो सकते हैं। (जनसत्ता से साभार)
Q23. (गद्यांश पर आधारित) एकांत में रहने का अर्थ है?
Q24. एकांत की खुशबू को कैसे महसूस किया जा सकता है?
Q25. ईश्वर एक अनुपस्थिति है – कैसे?
आशा है कि आपको वेद, CUET PG B.Ed PYQS Hindi 2025 (COQP05) उपयोगी और जानकारीपूर्ण लगा होगा। ऐसी ही उपयोगी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए जुड़े रहें gopath.in & boks.in के साथ आपका सहयोग और विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।