प्रिय विद्यार्थियों, इस पोस्ट में भाषाविज्ञान के बहुविकल्पीय प्रश्न Bhashavijyan MCQs Part 2 है। जो मुख्यतः दिल्ली विश्वविद्यालय के परास्नातक संस्कृत के तृतीय सत्र 3rd Sem से संबंधित है तथा संस्कृत की विविध प्रतियोगी परिक्षाओं NET JRF, TGT PGT तथा विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
Q1. रुच्यार्थानां प्रीयमाणः सूत्र करता है –
रुचि (अभिलाषा अर्थ वाली) धातुओं के प्रयोग में प्रीयमाण ,जिसको वह वस्तु प्रिय हो उस कारक की सम्प्रदान सञ्ज्ञा होती है।
Q2. ‘श्यामः गां पयः दोग्धि’ इस वाक्य में गो प्रातिपदिक की कर्म सञ्ज्ञा होती है-
Q3. ईरान की सर्वाधिक प्राचीन पुस्तक को कहा जाता है –
Q4. बान्तु परिवार की पूर्वयोगात्मक अश्लिष्ट भाषा का उदाहरण है –
‘न्तु’ जुलु भाषा में इसका अर्थ होता है मनुष्य । बहुवचन में अब अथवा बा प्रत्यय को पूर्व में लगाकर अबन्तु या ‘बान्तु’ बनाते है जिसके कारण उस परिवार का नाम ही बान्तु रखा गया।
Q5.संथाली भाषा किसका उदाहरण है –
संथाली [आग्नेय या मुण्डा परिवार की भाषा है]
मंझि (मुखिया) – मपंझि (बहुत से मुखिया)
Q6. सेवकरू शब्द किस भाषा में प्राप्त होता है?
कर्ता (उ) – सेवकनु (एकवचन) सेवजरू (बहुवचन)
Q7. Phoneme को कहा जाता है –
A Phoneme is a class of phonetically similar sounds, contrasting and mutually exlusive with all similar classes in the language.
स्वनिम किसी एक भाषा से संबद्ध लघुतम सार्थक ध्वनि है जो समान ध्वनियों का प्रतिनिधित्व करती है। उस भाषा की अन्य समान ध्वनियों से यह भिन्न होती है।
Q8. ईरानी भाषा किल परिवार से संबंधित है –
Q9. भाषाविज्ञान के तुलनात्मक अध्ययन का श्रेय जाता है –
Q10. अवेस्ता की टीका को कहा जाता है –
Q11. मातुः निलीयते कृष्ण:’ इस वाक्य में मातुः पद की अपादान सञ्ज्ञा होती है –
Q12. आधार को कर्म सञ्ज्ञा होती है –
अभिनिविशश्च [ अष्टा. 1.4.47 ]
Q13. कर्ता को अनीप्सित होने पर भी कर्म सञ्ज्ञा किस सूत्र से होती है –
Q14. आधार कितने प्रकार का होता है?
1. औपश्लेषिक आधार
2. अभिव्यापक आधार
3. अधिविषयक आधार
Q15. उत्तमर्ण का तात्पर्य होता है –
Q16. चन्द्रशेखर , सत्यपाल को पुस्तक देता है। इसका अनुवाद होगा –
चन्द्रशेखर कर्ता, सत्यपाल सम्प्रदान, पुस्तक कर्म और देता है यह सकर्मक क्रिया है।
कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्
Q17. रामः रावणाय क्रुध्यति इस वाक्य में सम्प्रदान विधायक सूत्र है –
Q18. अशुद्ध वाक्य है –
दिवः कर्म च [ अ. 1.4.45 ]
दिव् धातु का जो साधकतम कारक उसकी कर्म संज्ञा होती है और करण संज्ञा होती है।
Q19. अश्लिष्ट योगात्मक भाषा को कितने वर्ग में बांटा गया है ?
1.पूर्वयोगात्मक 2. मध्ययोगात्मक 3. अन्तयोगात्मक 4. पूर्वान्तयोगात्मक
Q20. यदि संस्कृत श्लिष्ट योगात्मक भाषा है तो वह होगी –
अन्तर्मुखी संयोगात्मक भाषा – अरबी
अन्तर्मुखी वियोगात्मक भाषा – हिब्रू
बहिर्मुखी संयोगात्मक भाषा – संस्कृत
बहिर्मुखी वियोगात्मक भाषा – हिन्दी
आशा है कि आपको भाषाविज्ञान के बहुविकल्पीय प्रश्न Bhashavijyan MCQs उपयोगी और जानकारीपूर्ण लगा होगा। ऐसी ही उपयोगी जानकारी और मार्गदर्शन के लिए जुड़े रहें gopath.in & boks.in के साथ आपका सहयोग और विश्वास ही हमारी प्रेरणा है।