नमः संस्कृताय,
इस जालपुट का नाम GOPATH.IN है, जो हमारे ज्ञान और कला को एक नई दिशा प्रदान करता है।
सरलसुजनलभ्यं छात्रकल्याणरूपं,
ललितकुसुमजालं ज्ञानरूपं विभूति:।
जनयति सुरवाग्भि: देहलीछात्रवर्यै:,
भवतु च कमला ज्ञानोत्सुकेभ्य: प्रमोदम्॥
अर्थात् जो सरल एवं सब जन को समझ में आने वाला, छात्रपरीक्षा के लिए तथा विषयस्पष्टीकरण के स्वरूप वाला है तथा जिस प्रकार लताओं में सुंदर पुष्पगुच्छ लगे होते हैं, उसी के सदृश कुसुमरूपी जाल वाले तथा भगवान शिव के शरीर पर स्थित पवित्र विभूति के सदृश, जो ज्ञानराशि के समान है, जिसे देहली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के छात्रों तथा उनके गुरूजनों के निर्देशन में निर्मित किया गया है। अतः कमलरूपी आसन पर विराजमान होने वाली मां शारदा हमारे इस प्रक्रम से तथा ज्ञान के उत्सुकजनों से प्रसन्न होवे।
इसी पावन उद्देश्य के साथ हम इस जालपुट का निर्माण कर रहे हैं जो छात्रों, अध्यापकों व जिज्ञासुओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। ऐसी हम कामना करते हैं ।
ज्यादा जानकारी के लिए आप हमसे help@gopath.in पर मेल कर सकते हैं या Contact Us पेज पर फॉम भरकर भी जानकारी ले सकते हैं।
ABHINEET KUMAR SRIVASTAVA
GUIDE & MENTOR – GOPATH.IN
VIDYANAND RAY
Founder & CEO – GOPATH.IN
KANHAIYA LAL DEWANGAN
Co-Founder – GOPATH.IN
SACHIN KUMAR
Author – GOPATH.IN
MUSKAN
Writer – GOPATH.IN